हस्तकरघाप्रक्षेत्र की उद्योग मंत्री ने की समीक्षा, अन्य राज्यों में खादी मॉल के निर्माण में तेजी लाने का दिया निर्देश
पटना : उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि बिहार के हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के लिए बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ गंभीरता से कार्य किया जाएगा। इससे राज्य के कारीगरों और उद्यमियों को व्यापक बाजार उपलब्ध होगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
बुधवार को उद्योग विभाग के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उद्योग मंत्री ने हस्तकरघा, रेशम उद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग तथा उपेन्द्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन, वित्तीय एवं भौतिक उपलब्धियों, मानव संसाधन की स्थिति और आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। उद्योग मंत्री ने कहा कि बिहार के पारंपरिक उद्योगों, हस्तशिल्प और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को आधुनिक तकनीक, बेहतर विपणन और प्रभावी नीतिगत समर्थन के माध्यम से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य को औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने विभाग में रिक्त पदों के विरुद्ध शीघ्र अधियाचन भेजने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया, ताकि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में आ रही प्रशासनिक बाधाओं को दूर किया जा सके। साथ ही विभागीय कार्यों को लक्ष्य-आधारित और समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में राज्य के विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन खादी मॉल की प्रगति की भी समीक्षा की गई। उद्योग मंत्री ने निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि ये मॉल खादी और ग्रामोद्योग उत्पादों के प्रचार-प्रसार के प्रभावी केंद्र बनेंगे। इसके अलावा बिहार एम्पोरियम के आधुनिकीकरण और स्वरूप में सुधार पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया, ताकि राज्य के उत्पादों को बेहतर ब्रांडिंग और विपणन मंच मिल सके। बैठक में विभाग के सचिव कुंदन कुमार, एमएसएमई निदेशक अमन समीर, हस्तकरघा एवं रेशम निदेशक विद्या नन्द सिंह, उद्योग निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता सहित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
