चंपारण में छापेमारी कर अलग-अलग जगहों पर उर्वरकों की जमाखोड़ी किया गया जब्त

पटना : नीतीश सरकार ने उर्वरकों पर कालाबाजारी रोकने के लिए विभाग को सख्त आदेश दिया है। जिसके तहत कृषि विभाग ने उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी व अवैध भंडारण को हर हाल में रोकने के लिए एक नया एक्शन प्लान तैयार किया है। इसकी जानकारी देते हुए कृषि विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने कहा कि किसानों को समय पर व उचित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराना कृषि विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रधान सचिव ने यह भी बताया कि उर्वरकों की कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कृषि विभाग द्वारा जिला प्रशासन व एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) के साथ समन्वय स्थापित कर लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही मुख्यालय स्तर से गठित उड़नदस्ता (फ्लाइंग स्क्वॉड) की टीमें भी नियमित रूप से अलग-अलग जिलों व प्रखंडों में जाकर उर्वरक प्रतिष्ठानों, गोदामों और संदिग्ध स्थलों की सघन जांच कर रही हैं।

छापेमारी में पूर्वी चंपारण में अलग-अलग जगहों पर यूरिया की जब्ती

विभाग ने यूरिया जमाखोड़ी पर कार्रवाई करते हुए पूर्वी चंपारण जिले के बनकटवा प्रखंड अंतर्गत रेगनिया व अगरवा ग्राम में अवैध उर्वरक भंडारण की सूचना पर संयुक्त छापेमारी की गई। छापेमारी अभियान के दौरान विभिन्न प्रतिष्ठानों और निजी आवासों से बड़े पैमाने पर उर्वरकों की अवैध जमाखोरी का खुलासा हुआ। रेगनिया स्थित मे० आकाश फर्टिलाइजर्स के गोदाम से 81 बैग यूरिया और मे० जावेद खाद भंडार के गोदाम से 370 बैग यूरिया जब्त किए गए। इसके अतिरिक्त पुरूषोत्तम यादव के आवास से 650 बैग, अरविंद के आवास से 80 बोरा व मदन के आवास से 25 बोरा यूरिया बरामद किया गया। वहीं मे० भवानी खाद भंडार के गोदाम से 600 बोरा यूरिया के साथ 100 बोरा एसएसपी और 50 बोरा एमओपी भी जब्त किया गया।

दोषियों का लाइसेंस होगा निरस्त- सचिव पंकज कुमार

प्रधान सचिव पंकज कुमार ने कहा कि अवैध रूप से संग्रहित उर्वरकों की जब्ती के साथ-साथ संबंधित व्यक्तियों व प्रतिष्ठानों के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 और अन्य प्रासंगिक अधिनियमों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है। दोषियों के लाइसेंस निरस्त किये जायेंगे। साथ ही, प्राथमिकी दर्ज करने व अन्य दंडात्मक प्रावधानों पर भी सख्ती से अमल किया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे केवल अधिकृत एवं लाइसेंसधारी उर्वरक विक्रेताओं से ही उर्वरक की खरीद करें और किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, अधिक मूल्य वसूली या अवैध भंडारण की सूचना तुरंत स्थानीय कृषि कार्यालय या जिला प्रशासन को दें। कृषि विभाग राज्य के किसानों के हितों की रक्षा के लिए आगे भी ऐसे अभियान पूरी सख्ती के साथ जारी रखेगा।

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