रक्सौल : शुक्रवार को राष्ट्रगीत वन्दे मातरम् की 150 वीं वर्षगांठ के अवसर पर भारत-नेपाल सीमा पर तैनात 47 वीं वाहिनी मुख्यालय एवं समस्त बाह्य सीमा चौकियों में राष्ट्रगीत गायन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में एसएसबी के सभी अधिकारी एवं जवानों ने राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत माहौल में वन्दे मातरम् का सामूहिक गायन किया. इस दौरान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम का सीधा प्रसारण को भी 47 वीं वाहिनी के अधिकारियों व जवानों ने देखा. कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री ने राष्ट्रगीत के ऐतिहासिक महत्व एवं राष्ट्रीय एकता में उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला. राष्ट्रगीत के 150 वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद एसएसबी के अधिकारी व जवानों को संबोधित करते हुए एसएसबी के कमांडेंट संजय पाण्डेय ने कहा कि वन्दे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह हमारे राष्ट्र की आत्मा और स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक है. उन्होंने जवानों से राष्ट्रभावना और कर्तव्यनिष्ठा के साथ सेवा जारी रखने का आह्वान किया. उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वंदे मातरम् हमारी मातृभूमि के प्रति समर्पण, एकता और अखंडता का प्रतीक है. यह हर भारतीय के हृदय में राष्ट्रप्रेम की चेतना जगाता है. मौके पर एसएसबी के उप कमांडेंट खेम राज, उप कमांडेंट अगाले प्रियदर्शन अरुण सहित एसएसबी के अन्य अधिकारी व जवान मौजूद थे.
