पेराई क्षमता के अनुसार गुड़ उत्पादन इकाइयों को मिलेगा छह लाख से एक करोड़ तक का अनुदान
पटना : राज्य में गुड़ उत्पादन इकाइयों को स्थापित करने के लिए गन्ना उद्योग विभाग में ऑनलाइन आवेदन 25 जनवरी तक जमा होंगे। विदित हो कि राज्य में गन्ना की खेती करने के साथ ही चीनी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की कई योजनाएं चल रही है। जिसमें गन्ना की खेती करने के लिए किसानों को अनुदान दिए जा रहे हैं। इसी प्रकार राज्य सरकार ने गुड़ उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए बिहार राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम शुरू की है। इसमें गुड़ उत्पादन इकाईयों को स्थापित करने लिए गन्ना किसानों और निवेशकों को छह लाख से लेकर 1 करोड़ तक का अनुदान दिया जा रहा है।
इसके लिए गन्ना उद्योग विभाग ने सप्तम चरण में 25 दिसंबर 2025 तक ही ऑनलाइन आवेदन करने की तिथि निर्धारित किया था। इसके बाद इस तिथि को 25 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है।
विभाग के अनुसार विभिन्न पेराई क्षमता वाली गुड़ उत्पादन इकाईयों को पूंजी की लागत का 50 फीसदी तक अनुदान देने का प्रावधान है। जिसमें 5 से 20 टन प्रतिदिन गन्ना पेराई की क्षमता वाले इकाईयों को अधिकतम 6 लाख रुपये अनुदान दिया जाएगा। इसी प्रकार 21 से 40 टन प्रतिदिन पेराई करने वाले इकाईयों को अधिकतम 15 लाख रुपये, 41 से 60 टन प्रतिदिन पेराई क्षमता वाले इकाईयों को अधिकतम 45 लाख रुपये और 60 टन से अधिक प्रतिदिन पेराई करने वाले इकाईयों को अधिकतम 1 करोड़ रुपये अनुदान दिया जाएगा। इच्छुक किसान एवं निवेशक (ccs.bihar.gov.in) पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
