विवाह रजिस्ट्रेशन में देरी खत्म, ऑनलाइन आवेदन, हाथों-हाथ सर्टिफिकेट

विवाह ई-निबंधन कराना हुआ और आसान, अब कागजातों का हार्ड कॉपी अनिवार्य नहीं

पटना : बिहार में विवाह का निबंधन कराना अब पहले से कहीं ज्यादा सरल हो गया है। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के तहत ई-निबंधन की सुविधा को और भी सुगम बना दिया है। अब लोगों को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने या ढेरों हार्ड कॉपी जमा करने की जरूरत नहीं है। विभाग ने सभी जिला अवर निबंधक और अवर निबंधक को पत्र लिखकर यह साफ निर्देश दिए हैं कि ऑनलाइन प्राप्त हुए विवाह निबंधन के आवेदनों पर तुरंत कार्रवाई की जाए और तय समय में ही विवाह प्रमाण-पत्र जारी कर दिया जाए।

ऑनलाइन आवेदन में भौतिक कागजात की जरूरत नहीं: सचिव

विभागीय सचिव अजय यादव ने कहा कि ई-निबंधन लोगों की सुविधा के लिए है। किसी भी स्तर पर देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऑनलाइन आवेदन किए हुए पक्षकारों से भौतिक कागजात की अनिवार्यता को पूर्ण रूप से खत्म किया गया है। कर्मचारी रोजाना आवेदनों की जांच करेंगे और कमी होने पर तुरंत सुधार के लिए आवेदक को ऑनलाइन ही वापस करेंगे। आवेदक पुन: सुधार कर ऑनलाइन ही वापस भेज सकता है।

शपथ-पत्र की आवश्यकता नहीं, प्रक्रिया को और किया गया आसान

विवाह निबंधन कराने के लिए आवेदक की ओर से किसी भी प्रकार के शपथ-पत्र जमा करने की आवश्यकता नहीं है। वहीं इ-निबंधन के लिए प्रक्रिया को और आसान कर दिया गया है। आवेदक घर बैठे किसी भी समय https://enibandhan.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पहले चरण में आवेदन के समय 100 रुपये और बाद में प्रमाण-पत्र के लिए 350 रुपये (कुल लगभग 450 रुपये) का ऑनलाइन भुगतान करना होगा। आवेदक खुद ही अपॉइंटमेंट की तारीख, समय और नजदीकी कार्यालय चुन सकते हैं। सिर्फ अपॉइंटमेंट वाले दिन दोनों पक्षों को तीन गवाहों के साथ कार्यालय में जाना होगा, जहां उनकी फोटो ली जाएगी। और हाथों-हाथ प्रमाण पत्र निर्गत कर दिया जायेगा। विभाग हर कदम पर एसएमएस के जरिए आवेदक को जानकारी भेजता है। साथ ही ऑनलाइन आवेदन की स्थिति चेक करने की भी सुविधा मौजूद है।

किन-किन दस्तावेजों की होगी जरूरत

जानकारी के लिए बता दें कि इ-निबंधन आवेदकों को पहचान पत्र, निवास प्रमाण, आयु प्रमाण फोटो (पुरुष व महिला), विवाह का प्रमाण के रूप में कोई भी कागजात अपलोड करने की जरूरत नहीं है।

पिछले दो सालों का आंकड़ा

विभाग के अनुसार, 2023 और 2024 में कुल 18,465 विवाह विशेष विवाह अधिनियम के तहत रजिस्टर हुए हैं। इनमें से 2023 में 9,493 और 2024 में 8,972 शामिल हैं। इस दौरान कुल 5,693 विवाह संपन्न भी कराए गए।

विवाह निबंधन के प्रति हो जागरूक

विवाह का पंजीकरण कराने से जोड़े को कानूनी सुरक्षा मिलती है। यह किसी भी धर्म के लोगों (अंतरधार्मिक या समान धर्म) के लिए लागू है।

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