बिना चीनी के इस्तेमाल से बोधगया की दीदी पुष्पा राज ने नीरा से तैयार किया अनोखा प्रोडक्ट, विदेशों में भी मांग

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 20 वर्षों के कार्यकाल ने बिहार की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके सपनों को नई उड़ान देने का काम किया है। इस बदलाव की सशक्त मिसाल गयाजी जिले की रहने वाली जीविका दीदी पुष्पलता हैं, जिन्होंने अपने नवाचार और परिश्रम से एक अलग पहचान बनाई है।

राजधानी पटना के गांधी मैदान में आयोजित बिहार सरस मेला में बोधगया की नीरा से बनी लड्डू, पेड़ा और तिलकूट की दुकान लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। स्टॉल पर दीदी का सहयोग कर रहे उनके सहयोगी डब्लू ने बताया कि आम लोगों के बीच यह गलत धारणा है कि नीरा नशीला पदार्थ होता है, जबकि वास्तव में नीरा पूरी तरह से प्राकृतिक और मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है। उन्होंने बताया कि उनकी स्थायी दुकान गयाजी जिले के बोधगया स्थित बौद्ध मंदिर के समीप संचालित होती है। सरस मेला के दौरान प्रतिदिन उनके स्टॉल से 10 से 20 हजार रुपये तक की नीरा से बनी मिठाइयों की बिक्री हो रही है। खास बात यह है कि उनके द्वारा तैयार की जाने वाली सभी मिठाइयाँ बिना चीनी के बनाई जाती हैं, जिससे यह स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों की पहली पसंद बनती जा रही हैं।

16 अप्रैल 2022 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दुकान का लिया था जायजा

वहीं सहयोगी डब्लू ने कहा कि हमारे अनोखे प्रोडक्ट की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 16 अप्रैल 2022 को दुकान पर आकर जायजा भी लिया था। उन्हें जीविका दीदी पुष्पलता ने कहा कि हम लड्डु, पेड़ा व तिलकूट को नीरा के इस्तेमाल से बनाते है तो वे बहुत खुश हुए थे।

थाईलैंड और जापान तक जाता है प्रोडक्ट

जीविका दीदी पुष्पलता ने कहा कि लोग हमारे प्रोडक्ट को इतना पसंद करते है कि वे बोधगया में थाईलैंड व जापान से आये सैलानी हमारी दुकान से खरीदकर अपने घर ले जाते है। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि 21 जनवरी 2023 मुख्यमंत्री ने दोबारा प्रोडक्ट का जायजा ऑफलाइन लिया था।

मेला के शुरू होते ही तीन दिनों में मिली ऐतिहासिक सफलता

मिली जानकारी के अनुसार सरस मेला के शुरूआती तीन दिनों में 2.25 करोड़ का कारोबार कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। मेले में जीविका दीदियों की तरफ से लगाया गया 500 से अधिक स्टॉल मेला देखने आये सभी आगंतुकों के लिए एक अलग अनुभव का प्रमाण दे रहा है। मेला में महिलाओं व पुरुषों को बिहार सरकार की लोक कल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी जा रही है। मेला में आये लोगों के मनोरंजन के लिए 25 राज्यों की लोक संस्कृति, परंपरा, हुनर, स्वाद की अनोखी झलक दिखाई दे रही है।

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