निःशुल्क शिक्षा, सुरक्षित आवास और गुणवत्तापूर्ण व्यवस्था के साथ BC–EBC बालिकाओं के भविष्य को नई दिशा प्रदान करेगी

आवासीय विद्यालय मॉडल से सामाजिक समानता की ओर बढ़ता बिहार

पटना : बिहार में बालिका शिक्षा को लेकर लंबे समय तक चुनौतियों की चर्चा होती रही है, लेकिन अब ज़मीनी स्तर पर ऐसी पहलें सामने आ रही हैं, जो इस सोच को बदलने का काम कर रही हैं। BC & EBCWelfare Department, Bihar द्वारा संचालित OBCGirls +2 ResidentialHigh School, बखरी (बेगूसराय) इसी बदलाव का एक सशक्त मिसाल बनकर उभरेगा। यह विद्यालय सिर्फ पढ़ाई का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक समानता, सुरक्षा और सशक्तिकरण की जीवंत प्रयोगशाला बनेगा। आपको बता दें कि वर्तमान में यह विद्यालय समस्तीपुर जिले के कल्याणपुर स्थित OBC बालिका +2 विद्यालय परिसर में सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। विभागीय स्तर पर की जा रही तैयारियों के अनुसार, आगामी एक माह के भीतर विद्यालय को बेगूसराय जिले के बखरी में नवनिर्मित एवं पूर्ण सुविधायुक्त परिसर में स्थानांतरित किया जाना प्रस्तावित है।

जहां शिक्षा बोझ नहीं, अधिकार है

520 बेड की क्षमता वाला यह पूर्णतः आवासीय बालिका विद्यालय उन छात्राओं के लिए वरदान साबित होगा, जो आर्थिक या सामाजिक कारणों से शिक्षा से वंचित रह जाती थीं। यहां शिक्षा, आवासन और भोजन, तीनों पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध हैं। छात्राओं एवं उनके अभिभावकों को न तो फीस की चिंता है, न रहने की, और न ही भोजन की। यही कारण है कि वे बिना किसी मानसिक दबाव के अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित कर पाएंगी एवं अपने उज्जवल भविष्य की मजबूत नींव रखेंगी।

पोषण और स्वच्छता को मिला संस्थागत स्वरूप

विद्यालय की एक बड़ी विशेषता है स्वच्छता और भोजन व्यवस्था। जीविका के साथ हुए MoU के तहत मेस संचालन और साफ-सफाई की जिम्मेदारी जीविका दीदियों द्वारा पेशेवर तरीके से निभाई जाएगी। नियमित साफ-सफाई, समयबद्ध भोजन और पौष्टिक आहार के ज़रिए छात्राओं के स्वास्थ्य और गरिमा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

आधुनिक भवन, सुरक्षित वातावरण

सुनियोजित ढंग से विकसित यह कैंपस न केवल शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करता है, बल्कि छात्राओं के लिए एक सुरक्षित और प्रेरक वातावरण भी उपलब्ध कराएगा। परिसर में कुल पांच अत्याधुनिक भवनों का निर्माण किया गया है। इनमें शिक्षकों के लिए पृथक क्वार्टर, गैर-शैक्षणिक कर्मियों के लिए पृथक क्वार्टर, एक सुसज्जित प्रशासनिक एवं शैक्षणिक भवन, तथा छात्राओं के लिए दो विशाल और सुरक्षित छात्रावास शामिल हैं। प्रत्येक भवन को आधुनिक मानकों, सुरक्षा आवश्यकताओं और उपयोगिता को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। बालिकाओं की शिक्षा तब ही संभव है, जब अभिभावकों को उनकी सुरक्षा पर पूरा भरोसा हो। इसी सोच के तहत विद्यालय परिसर में सुरक्षा गार्ड की तैनाती की जाएगी।

योग्य शिक्षक, मजबूत नींव

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की रीढ़ होते हैं शिक्षक। प्रशिक्षित शिक्षकों की मौजूदगी से विद्यालय के शैक्षणिक माहौल को मजबूती देगी है और छात्राओं में प्रतिस्पर्धी सोच विकसित करेगी। इस विद्यालय का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा कराना नहीं है, बल्कि पिछड़े एवं आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग की बालिकाओं को आत्मनिर्भर, आत्मसम्मानी और जागरूक नागरिक भी बनाना है।

प्रवेश परीक्षा के माध्यम से नामांकन

विद्यालय में नामांकन की प्रक्रिया बिहार स्तर पर आयोजित प्रवेश परीक्षा के माध्यम से की जाएगी। इस प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन ऑनलाइन माध्यम से आमंत्रित किए जायेंगे। विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार, आवेदन की प्रक्रिया सामान्यतः 15 जनवरी से 15 फरवरी के मध्य संचालित होगी। यह आवासीय विद्यालय कक्षा 6 से कक्षा 12 तक की छात्राओं के लिए है, जिससे बालिकाओं को माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा एक ही परिसर में प्राप्त हो सके।

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