रक्सौल : जिला प्रशासन ने पूर्वी चम्पारण के बेवसाइट पर 32 हजार सात सौ लोगों का एक लिस्ट प्रकाशित किया है जो बेतिया राज के जमीन पर कब्जा किए है. जारी लिस्ट में सरकार द्वारा ऐसे छोटे-छोटे प्लॉट का जिक्र किया गया है. जिसपर शहर के लोगों का घर बना हुआ है. जारी लिस्ट में खाता, खेसरा, रकबा के साथ मुहल्ले का नाम जारी किया गया है. ज्ञात हो कि 2015 में जिला प्रशासन द्वारा बेतिया राज के जमीन पर कब्जा किए हुए लोगों पर नोटिस जारी कर खाली करने का निर्देश दिया गया था. लेकिन तब से अब तक प्रशासन के द्वारा लोगों को किसी तरह से परेशान नहीं किया गया. हाल में, बेतिया राज के जमीन को बिहार सरकार का जमीन घोषित कर दिया गया है. इससे पहले बिहार सरकार ने एजेंसी के माध्यम से बेतिया राज के जमीन पर स्थित मकान चारदिवारी या खाली जमीन का सर्वे एजेंसी के माध्यम से कराया था. इधर, बेतिया राज के जमीन को बिहार सरकार की जमीन घोषित होने के बाद पहली बार जिला प्रशासन ने जमीन का लिस्ट जारी किया है. जिससे लोगों में भय का माहौल कायम हो गया है.
बाजार का अधिकांश जमीन बेतिया राज का
रक्सौल बाजार का अधिकांश जमीन बेतिया राज का है. इतिहास के मुताबिक अंग्रेज अधिकारी फ्रेजर के द्वारा रक्सौल बाजार लगाने के लिए जमीन आवंटित किया गया था. बाद में कई अतिरिक्त जमीन लोगों को बंदोबस्त किया गया. इस तरह से रक्सौल बाजार के लगभग 70 प्रतिशत जमीन बेतिया राज का है. लोग उक्त जमीन को कई बार खरीद और बिक्री कर चुके है. रक्सौल में जमीन की किमत काफी अधिक है. यदि इस जमीन को खाली कराया गया तो कई लोग बेघर हो जाएंगे और उनकी जिंदगीभर की कमाई समाप्त हो जाएगी. जिला प्रशासन द्वारा जारी सूची में अकेले रक्सौल के मुख्य बाजार बैंक रोड और आकर्षण गली में तीन सौ के आसपास लोगों की सूची जारी की गयी है. इस तरह यदि पूरे रक्सौल प्रखंड को देखा जाए तो 32 हजार सात सौ लोग ऐसे है जो बेतिया राज की जमीन पर बसे है.
बोले अधिकारी
बेतिया राज की जमीन बिहार सरकार की जमीन घोषित की गयी है. बॉर्ड ऑफ रेवेन्यू के निर्देशानुसार उक्त लोगों की सूची जारी की गयी है जो बेतिया राज की जमीन पर कब्जा किए हुए है. फिलहाल सूची जारी किया गया है और अगले निर्देश तक किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जा रही है. हालांकि उक्त जमीन को खाली करना होगा. – मुकेश सिन्हा, अपर समाहर्ता, पूर्वी चम्पारण
