प्रदेश के कैमूर जिले में कई स्थलों पर बन रहा पिकनिक स्पॉट

तुतला भवानी, मांझर कुंड, सीता कुंड, धुआं कुंड व ललपनिया बना नया टुरिज्म की जगह

पटना : प्रदेश में नववर्ष के जश्न के लिए अब बिहारवासियों की पहली पसंद खुद बिहार बनता जा रहा है। छुट्टियां मनाने के लिए दूसरे राज्यों या शहरों की बजाय लोग अब राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों की ओर रुख कर रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लगभग दो दशकों के शासनकाल में राजगीर, गयाजी, कैमूर सहित कई जिलों में पर्यटन के नए क्षेत्रों का तेजी से विकास हुआ है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण नालंदा जिले का राजगीर है, जहां ग्लास ब्रिज, जू सफारी, विश्व शांति स्तूप, पावापुरी, ककोलत और गिरियकपहाड़ जैसे स्थल नववर्ष पर पिकनिक और सैर-सपाटे के लिए लोगों की पहली पसंद बनते जा रहे हैं।

कैमूर बन रहा नया पर्यटन स्थल, तुतला भवानी, मांझर कुंड, सीता कुंड की शैर करने जा रहे सैलानी

वहीं बिहार में नालंदा, वैशाली व गया के अलावा कैमूर जिला भी नया टुरिज्म स्थल के रूप में विकसित किया गया है। पर्यटन विभाग के अधिकारी रविशंकर उपाध्याय ने कैमूर की खास स्थलों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि जिले का तुतला भवानी, मांझर कुंड, सीता कुंड, धुआं कुंड समेत पहाड़ जिस जगह से लाल पानी निकलती ललपनिया अब बिहार समेत अन्य राज्यों के पर्यटन के लिए खास बनता जा रहा है।

राजधानी में वाटर स्पोर्ट्स व डबल डेकर का मजा ले सकते पर्यटक

जानकारी के लिए बता दें कि राजधानी में भी पर्यटक वाटर स्पोर्ट्स व डबल डेकर बस का आनंद उठा सकते है। पर्यटन विभाग ने ठंड के मौसम को देखते हुए खास व्यवस्था करने की योजना बना रही है। जिसमें प्रति व्यक्ति एक तरफ का किराया 50 रुपये व दोनों तरफ का किराया 100 रुपये तय किया गया है। इसके साथ ही पर्यटन विभाग की तरफ से होने वाले वाटर स्पोर्ट्स का किराया भी प्रति व्यक्ति 100 रुपये तय किया गया है। डबल डेकर बसों का परिचालन शाम 5 बजे से लेकर रात 10 बजे तक किया जा रहा है जो दीघा से जेपी गंगा पथ गोलंबर, सभ्यता द्वार, दरभंगा हाउस, गांधी घाट, महात्मा गांधी सेतु, चित्रगुप्त मंदिर और कंगन घाट जैसे ऐतिहासिक स्थलों का दर्शन कराती है।

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