छौड़ादानो : भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी निरोधी एवं सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती के बावजूद प्रखंड क्षेत्र का महुआवा बॉर्डर इन दिनों कपड़ा, आलू, प्याज, किराना सामान, ड्रग्स, पशु एवं शराब तस्करी का मुख्य मार्ग बन गया है. जिससे सरकार को प्रतिदिन लाखों रुपए के राजस्व का चूना लग रहा है. वहीं सरकार की अतिमहत्वपूर्ण शराबबंदी कानून की धज्जियां उड़ रही हैं. सीमावर्ती क्षेत्र के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यूं तो कपड़े की तस्करी छिटपुट ढंग से दिन भर चलती रहती है पर बड़े तस्कर अक्सर छह बजे शाम के बाद सक्रिय होते हैं. रात भर माल ढुलाई कर इमलिया, परसा, कटकेनवा, महुआवा, हनुमान नगर, बिंदवासिनी, चंद्रमन सहित अन्य सीमावर्ती गांव मे पूर्व निर्धारित अड्डों पर स्टोर किया जाता है, फिर सुबह होने के बाद उसे नेपाल में पहुंचा दिया जाता है. वहीं तस्कर आलू,प्याज की बोरी बाइक पर लाद कर सीधे नेपाल पहुंचा देते हैं. नेपाल स्थित अपने मुख्य बिक्री केंद्र पर जमा कर लेते हैं. जहां से विभिन्न बाजारों में उसकी आपूर्ति की जाती है. वही पशु तस्कर भी शाम होते हीं भैंस लेकर नेपाल की सीमा में प्रवेश कर जाते हैं. सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसी,कस्टम और पुलिस के जवान सशर्त मूकदर्शक बने रहते हैं. इस तरह सरकार को प्रतिदिन लाखों रुपए की राजस्व क्षति हो रही है. सबसे बड़ी बात तो यह है कि,शराबबंदी के बावजूद इस बॉर्डर से भारी मात्रा में नेपाल से शराब की तस्करी की जा रही है. स्थानीय लोग बताते हैं कि, सुबह में साढ़े तीन बजे शीत बसंत बस के निकलने के साथ हीं तस्कर सक्रिय हो जाते हैं. जब बस निकलती है तो उसके पीछे शराब तस्करों के बाईक की लाइन लग जाती है. सभी तस्कर बाइक का लाइट स्वीच ऑफ किए रहते हैं. इस वजह से कई बार मॉर्निंग वॉक पर निकले लोग इनके बाइक से चोटिल हो जाते हैं. लेकिन इनके शुभचिंतक छुटभैये सफेदपोश मैनेज कर मामले को रफा-दफा कर देते हैं. यूं तो सीमा पार से शराब तस्करी पर रोक लगाने के लिए आदापुर महुआवा और छौड़ादानो थाना के संधि स्थल पर उत्पाद विभाग का चेकपोस्ट बना हुआ है. किंतु उसके कर्मी भी ड्यूटी के समय सशर्त आंख मूंद लेते हैं.वहीं इस बाबत सवाल करने पर कस्टम, उत्पाद विभाग महुआवा पुलिस, एसएसबी जैसी तस्करी निरोधी और सुरक्षा एजेंसियां अपने को पाक साफ बताते हुए एक दूसरे के सिर पर ठीकरा फोड़ देते हैं. सीमावर्ती क्षेत्र के लोग बताते हैं कि किस कदर महुआवा बॉर्डर से धड़ल्ले से प्रतिबंधित वस्तुओं की तस्करी जारी है.लेकिन इस पर अंकुश लगाने वाला कोई नहीं है.

महुआवा बॉर्डर पर बाइक से खाद नेपाल ले जाता तस्कर.

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