रक्सौल : भारत-नेपाल की सीमा पर मानव तस्करी प्रशासन के लिए चुनौती बनती जा रही है. मानव तस्कर प्रतिदिन नए-नए तरीके से मानव तस्करी को अंजाम दे रहे है, जिसको नाकाम करने के लिए स्वयं सेवी संस्थाओं के साथ-साथ एसएसबी की टीम लगातार काम कर रही है. इसी क्रम में बीते बुधवार को सशस्त्र सीमा बल 47 वीं वाहिनी की मानव तस्करी रोधी ईकाई के द्वारा संदेह के आधार पर भारत से नेपाल जा रहे एक व्यक्ति और उसके साथ में एक बुर्का पहनी हुई लड़की को रोका गया. जब टीम द्वारा प्रारंभिक पूछताछ किया गया तो व्यक्ति ने अपना नाम मो. अजमुल्लाह अली बताया और झूठ बोला कि नाबालिग लड़की का नाम सलीमा बेगम है. पूछताछ में खुलासा हुआ कि व्यक्ति मुस्लिम समुदाय और नाबालिग लड़की हिन्दू समुदाय से है, जिसे इस्लाम धर्म और बुर्का पहनने के लिए विवश किया गया था. संभावित मानव तस्करी मामले को संज्ञान में लेते हुए जब मानव तस्करी रोधी इकाई और प्रयास जैक सोसाइटी (एन जी ओ) द्वारा अलग-अलग पूछताछ करने पर पता चला कि व्यक्ति पश्चिमी चंपारण, बिहार का रहने वाला है, जो सोशल मीडिया के जरिए लड़की से दोस्ती की फ़िर प्रेमजाल में फंसाकर शादी करने और नौकरी दिलवाने का वादा करके बीते 13 नवंबर को नाबालिग लड़की को उसके घर पश्चिमी चम्पारण से भगाकर गुरुग्राम (हरियाणा) ले गया. जहां नाबालिग लड़की के साथ शादी करने के नाम पर शारीरिक शोषण करता रहा. नाबालिग लड़की ने काउंसलिंग में खुलासा कि की मोहम्मद अजमुल्लाह अली ने अपना धर्म अपनाने और इस्लाम के तौर तरीके सीखने के लिए कहा और वहां ले जाकर शादी किया था. नाबालिग लड़की के परिजन द्वारा किडनैपिंग के मामले में लोकल पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई थी , जिसकी ख़बर जब मोहम्मद अजमुल्लाह अली को चली तो पुलिस से बचने के लिए हरियाणा से नेपाल छिपने के लिए जा रहा था. पूछताछ से ऐसा प्रतीत हुआ कि नाबालिग लड़की के मासूमियत का मोहम्मद अजमुल्ला अली ने फायदा उठाया. जिसपर नाबालिग लड़की बिना कुछ सोचे समझे भरोसा करके प्रेमजाल में फंस कर इतना बड़ा कदम उठाई, व्यक्ति द्वारा लड़की को अपना धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया बुर्का पहनाकर नेपाल ले जा रहा था. पूछताछ के उपरांत नाबालिग लड़की और व्यक्ति को आगे की कार्रवाई के लिए हरैया पुलिस स्टेशन रक्सौल को सौंप दिया गया. मौके पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीम इंस्पेक्टर विकास कुमार, खेमराज, विभा कुमारी, के इंद्रा, सदर मोनिका, प्रयास जुवेनाइल एड सेन्टर पूर्वी चम्पारण से जिला परियोजना समन्वयक आरती कुमारी, सामाजिक कार्यकर्ता राज गुप्ता सहित अन्य मौजूद थे.

रेस्क्यू टीम के साथ पीड़ित नाबालिग लड़की व आरोपी.
