पटना : राज्य में दिव्यांग बच्चों की शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए बिहार सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। समाज कल्याण विभाग की सचिव बंदनाप्रेयषी ने घोषणा की कि प्रदेश में दिव्यांग बच्चों के लिए विशेष स्कूल खोले जाएंगे। ये स्कूल सामान्य विद्यालयों से अलग होंगे और इनमें बच्चों की विशेष जरूरतों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। बाथरूम सहित सभी आधारभूत संरचनाओं को दिव्यांगजन–अनुकूल बनाया जाएगा, ताकि छात्र निर्बाध रूप से 10 वीं और 12 वीं तक की पढ़ाई पूरी कर सकें।ज्ञान भवन में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिव ने बताया कि 10 वीं और 12 वीं उत्तीर्ण दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष स्कूटर उपलब्ध कराने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है। प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। इसके अलावा सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा पास करने वालों को 1 लाख और बीपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को 50 हजार रुपये की सहायता देने की भी घोषणा की गई। राज्य में जल्द ही ‘दिव्यांगमहोत्सव’ आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से कई गतिविधियों का आयोजन किया गया। बच्चों ने अपने कौशल और कला का प्रदर्शन किया। सचिव ने कहा कि दिव्यांगजनों को भी सामान्य नागरिकों की तरह गरिमामय जीवन जीने का पूरा अधिकार है और समाज को उनके लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य करना चाहिए। विशेषज्ञों द्वारा दी गई सलाह और सुझावों को भी विभाग में शामिल करने पर विचार किया जाएगा। मौके पर दिव्यांगजनों के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी देने हेतु स्टॉल लगाए गए थे। दिव्यांगजनों द्वारा निर्मित वस्तुओं का प्रदर्शन और बिक्री भी की गई। कई चिन्हित लाभार्थियों को सहायक उपकरण वितरित किए गए। कार्यक्रम में इंडियन आइडल फेम मेनुकापौडेल ने अपने गीतों की प्रस्तुति दी। वहीं विश्वकप विजेता दिव्यांग भारतीय क्रिकेटर अन्नू कुमारी और मधुबनी कला विशेषज्ञ ज्योति सिन्हा को सम्मानित किया गया। मौके पर निदेशक योगेश कुमार, विशेष अधिकारी स्पर्श गुप्ता (विशेष अधिकारी), ओएसडी अंजली शर्मा समेत अन्य मौजूद थे।

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