राजेंद्र नगर नेत्रालय में अगले सत्र से शुरू होगी DNB की पढ़ाई, मेडिकल छात्रों के लिए खोलेगी नई राह
अब बिहार में ही मिलेगा DNB का अवसर, आधुनिक सुविधाओं और विशेषज्ञों की मंजूरी से हुआ संभव
पटना : बिहार के मेडिकल छात्रों के लिए नीतीश सरकार ने एक और अहम पहल की है। नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी खास पहचान रखने वाले राजेंद्र नगर नेत्रालय में अगले सत्र से डीएनबी कोर्स की पढ़ाई शुरू की जाएगी। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, राज्य में एमबीबीएस करने वाले छात्रों के लिए ऑप्थैल्मोलॉजी विषय में डिप्लोमेट इन नेशनल बोर्ड (DNB) का नया कोर्स सत्र 2026-27 से उपलब्ध होगा। इसके शुरू होने से छात्रों को इस विशेष कोर्स के लिए अब राज्य से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी।

अस्पताल में डीएनबी कोर्स को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए एडवांस ऑडिटोरियम और आधुनिक क्लासरूम की पूरी व्यवस्था कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष जुलाई में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने इन दोनों सुविधाओं का लोकार्पण किया था।
अस्पताल में हो रही ऑप्टोमेट्री कोर्स की पढ़ाई, थ्योरी के साथ प्रैक्टिकल भी कर रहें छात्र
राजेंद्र नगर नेत्रालय में एमबीबीएस छात्रों के लिए ऑप्टोमेट्री कोर्स की पढ़ाई नियमित रूप से जारी है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, प्रशिक्षण सत्र के दौरान छात्रों को थ्योरी के साथ प्रैक्टिकल प्रशिक्षण भी लगातार दिया जा रहा है, ताकि वे नेत्र चिकित्सा से जुड़ी तकनीकों को व्यवहारिक रूप से समझ सकें। इसके साथ ही, वर्ष 2026 में शुरू होने वाले डीएनबी कोर्स को लेकर बीएचयू समेत विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से आए विशेषज्ञों ने निरीक्षण कर इसकी औपचारिक मंजूरी प्रदान की है।
अस्पताल में बीते एक साल में 80 हजार से अधिक नेत्र ऑपरेशन
राजेंद्र नगर नेत्रालय ने पिछले एक वर्ष में 80 हजार से अधिक मरीजों का उपचार कर अपनी उत्कृष्ट सेवाओं का शानदार उदाहरण पेश किया है। देश के प्रमुख नेत्र चिकित्सा संस्थानों में शुमार यह अस्पताल लगातार बड़ी संख्या में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध करा रहा है। अस्पताल में पहुंचे कई मरीजों ने आधुनिक सुविधाओं और बेहतर उपचार व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया है।
क्या होता है डीएनबी कोर्स
डीएनबी कोर्स भारत में एक स्नातकोत्तर चिकित्सा प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसे नेशनल बोर्ड ऑफ एग्ज़ामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज़(एनबीइएसएस) की तरफ से संचालित किया जाता है। यह एमडी या एमएस के समांतर होता है। एमबीबीएस स्नातकों के लिए यह 3 वर्ष का कार्यक्रम होता है, जबकि पीजी डिप्लोमा पूरा कर चुके उम्मीदवारों के लिए इसकी अवधि 2 वर्ष होती है। यह कोर्स व्यावहारिक क्लीनिकल अनुभव पर विशेष ध्यान प्रशिक्षण के लिए करवाया जाता है।
अस्पताल में आये मरीजों से बातचीत
1. राजेंद्र नगर नेत्रालय में नि-शुल्क मोतियाबिंद का जांच आसानी से किया जाता है। वहीं अन्य अस्पतालों में इलाज करवाने के लिए लंबी कतार में खड़ा करना पड़ता है। नेत्र रोगियों के लिए बिहार सरकार की तरफ से इस आधुनिक अस्पताल के लिए नीतीश सरकार का धन्यवाद- भोला सिंह, मरीज लखीसराय

2. मुझे आंख में रौशनी की कमी संबंधित अन्य परेशानी है। निजी अस्पतालों में मोटी रकम खर्च करने के बावजूद भी अबतक समस्या सही नहीं हो पायी। राजेंद्र नगर नेत्रालय में बीते कई महीनों से इलाज के लिए आ रहा हूं। अब मुझे ठीक महसूस हो रहा है- रामजी सिंह, मरीज, सीवान

