पटना। महीप राज। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार, 16 दिसंबर को हुई कैबिनेट की बैठक में राज्य के अगले पांच वर्षों के लिए ऐसा रोडमैप तैयार किया गया है, जो केवल योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि बिहार के विकास की दिशा और गति दोनों तय करता है। कैबिनेट ने एक ओर जहां 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया, वहीं 1 करोड़ नौकरी और रोजगार के अवसर पैदा करने की स्पष्ट रणनीति भी सामने रखी गई। इसी बैठक में बहुप्रतीक्षित सात निश्चय योजना 3.0 को औपचारिक मंजूरी दी गई।
कैबिनेट के फैसलों के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में यह दोहराया कि 24 नवंबर 2005 से बिहार में कानून का राज स्थापित हुआ और बीते करीब दो दशकों में सभी वर्गों और क्षेत्रों को साथ लेकर विकास की कोशिश की गई। उनके मुताबिक सात निश्चय-3 को लागू करने का निर्णय विकसित बिहार की दिशा में निर्णायक कदम है। सात निश्चय-3 को यदि गहराई से देखा जाए तो यह एक सरकारी दस्तावेज भर नहीं, बल्कि आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक बदलाव का साझा खाका है। इसका सबसे बड़ा लक्ष्य राज्य की प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है। सरकार ने साफ किया है कि अगले पांच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी या स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। इसी उद्देश्य से युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग का गठन पहले ही किया जा चुका है। महिला सशक्तिकरण को इस योजना का अहम हिस्सा बनाते हुए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के जरिए महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहयोग दिया जा रहा है, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
उद्योग आधारित विकास सात निश्चय-3 का दूसरा बड़ा स्तंभ है। सरकार की मंशा बिहार को पूर्वी भारत के टेक हब के रूप में स्थापित करने और विश्वस्तरीय कार्यस्थल विकसित करने की है। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समितियों का गठन किया गया है, जो निवेश प्रस्तावों की निगरानी और तेजी से क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगी। सभी जिलों में औद्योगिक क्षेत्रों का विकास, बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा चालू करना और नई चीनी मिलों की स्थापना जैसे फैसले राज्य की औद्योगिक तस्वीर को नई पहचान दे सकते हैं। 50 लाख करोड़ रुपये के निजी निवेश का लक्ष्य यह संकेत देता है कि सरकार अब विकास की धुरी उद्योग और पूंजी निवेश को बनाना चाहती है।
