मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना से होगा प्रशासनिक सुधार, क्षमतावर्धन और नवाचार

नीति निर्माण से नवाचार तक, मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना से बदलेगा बिहार का प्रशासनिक चेहरा

कैट, जीमैट, जीआरइ, गेट, यूजीसी नेट परीक्षा करना होगा पास

पटना : बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में युवाओं को शासन और नीति निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना (CMFS) की शुरुआत 9 सितंबर 2025 को की है। जिसकी जानकारी मंगलवार को बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी, आइआइएम बोधगया व सूचना व जन संपर्क विभाग के सहयोग से सूचना भवन में प्रेस वार्ता का आयोजन कर दी गई। इस प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना की शुरूआत की गयी। यह योजना बिहार सरकार और भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) बोधगया की संयुक्त पहल है, जिसके माध्यम से प्रतिभाशाली और योग्य युवाओं को प्रशासनिक नवाचार, नीति निर्माण और विकास प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर प्रदान किया जा रहा है।

फेलोज को नगर निगम से लेकर मुख्यमंत्री सचिवालय में किया जाएगा संबद्ध

आईआईएम निदेशक ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रतिभाशाली युवा विशेषज्ञों को नीति निर्माण और क्रियान्वयन से जोड़ना है। ये फेलोज सरकारी नीतियों के प्रभावी कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और राज्य के विकास को नई गति प्रदान करेंगे। फेलोशिप की अवधि दो वर्ष की होगी। चयनित 121 फेलोज को आईआईएम बोधगया में पहले 40 दिनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसके बाद दो वर्षों के लिए 1-1 फेलोज को प्रति नगर निगम, जिला समाहरणालय, प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय, सचिवालय के विभिन्न विभाग, 2 विकास आयुक्त के कार्यालय, 2 मुख्य सचिव कार्यालय, 2 उपमुख्यमंत्री कार्यालय और 4 फेलो मुख्यमंत्री सचिवालय जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यालयों में संबद्ध किए जाएंगे।

1 लाख 50 हजार तक मानदेय

चयनित फेलोज को उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर 80 हजार से 1 लाख 50 हजार रुपये तक का निश्चित मासिक मानदेय दिया जाएगा। नगर निगम, आयुक्त कार्यालय, डीएम कार्यालय और प्रमंडलीय आयुक्त कार्यालय में संबद्ध होने वाले फेलो को 3 वर्ष का अनुभव होना चाहिए, जिसके लिए उन्हें 80 हजार रुपए मानदेय निर्धारित किया गया है। विभिन्न विभागों में संबद्ध होने वाले फेलो को 6 वर्ष का अनुभव होना चाहिए, 1 लाख रुपये का मानदेय। विकास आयुक्त कार्यालय और मुख्य सचिव कार्यालय में संबद्ध फेलो को 8 वर्षों का अनुभव होने चाहिए, इन्हें 1 लाख 25 हजार रुपये मानदेय और उप-मुख्यमंत्री कार्यालय व मुख्यमंत्री सचिवालय के लिए 10 वर्षों का अनुभव होना चाहिए, इसके लिए 1 लाख 50 हजार रुपये का मानदेय निर्धारित किया गया है। फेलोशिप पूरी होने पर आईआईएम बोधगया से ‘लोक नीति एवं सुशासन’ में पोस्ट ग्रेजुएट प्रमाण-पत्र और बिहार सरकार से कार्य अनुभव प्रमाण-पत्र दिया जाएगा।

आवेदक की आयु अधिकतम 45 वर्ष

योजना के लिए केवल बिहार के मूल निवासी ही पात्र होंगे। इनकी आयु 45 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। उनके पास प्रबंधन, नीति, विकास अध्ययन, लोक प्रशासन, क्षेत्रीय नियोजन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी या संबद्ध विषयों में किसी प्रतिष्ठित संस्थान से स्नातकोत्तर डिग्री अनिवार्य है। वहीं कैट, जीमैट, जीआरइ, गेट, यूजीसी-नेट, सीएसआईआर-नेट में वैध स्कोर होना आवश्यक। राष्ट्रीय महत्व के संस्थान (आईएनआई), केंद्रीय विश्वविद्यालयों व राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों (एनएलयू) से स्नातकोत्तर डिग्री धारकों को प्रवेश परीक्षा स्कोर से छूट मिलेगी। राज्य सरकार के नियमों के अनुसार आरक्षण, योजनाबद्ध प्रशिक्षण और आईआईएम बोधगया की ओर से निरंतर मेंटरशिप दी जाएगी। आवेदन निशुल्क है।

आवेदन और साक्षात्कार

• 1 चरण: अंतिम तिथि 17 दिसंबर 2025, साक्षात्कार 27-28 दिसंबर 2025

• 2 चरण: अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025, साक्षात्कार 10-11 जनवरी 2026

• 3 चरण : अंतिम तिथि 15 जनवरी 2026, साक्षात्कार 24-25 जनवरी 2026

• 4 चरण : आवेदन 16 से 31 जनवरी 2026, साक्षात्कार 7-8 फरवरी 2026

परिणाम मार्च में होंगे जारी

डॉ. सहाय ने जानकारी दी कि फेलोज के सफल चयन की घोषणा मार्च 2026 के पहले सप्ताह में की जाएगी। इसके बाद इन फेलोज का प्रशिक्षण मार्च के दूसरे-तीसरे सप्ताह में शुरू होगा और अप्रैल 2026 से वे विभिन्न कार्यालयों में संबद्ध होकर काम शुरू करेंगे।

ऑनलाइन आवेदन की सुविधा मौजूद

इच्छुक अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन https://iimbg.ac.in/cmfs/ पर कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए cmf@iimbg.ac.in(mailto:cmf@iimbg.ac.in) पर ई-मेल किया जा सकता है। इस प्रेस मीट में बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी के प्रशासनिक पदाधिकारी राशीद कलीम अंसारी, विशेष कार्य पदाधिकारी सतीश रंजन सिन्हा, सामान्य प्रशासन विभाग की जन-संपर्क पदाधिकारी नुपुर झा सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

यह पहल न केवल युवाओं को सशक्त बनाएगी, बल्कि बिहार को एक नवोन्मेषी, प्रभावी और भविष्य–उन्मुख प्रशासनिक व्यवस्था की ओर भी अग्रसर करेगी। मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना के माध्यम से योग्य युवाओं को शासन से जोड़कर सुशासन, नीति प्रभावशीलता और सतत विकास के लक्ष्यों को मजबूती प्रदान की जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *