उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा का अल्टीमेटम: फर्जीवाड़ा बर्दाश्त नहीं!

ऑफलाइन भू-लगान रसीद जारी करने वाले अधिकारी पर कार्रवाई का निर्देश

शेखपुरा, पूर्णियां, दरभंगा, सुपौल व भागलपुर जिलों में कराया गया प्रतिवेदन उपलब्ध

पटना : ऑफलाइन भू-लगान रसीद जारी करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसको लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग सख्त हो गया है। इसको लेकर उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि राज्य सरकार ने भू-लगान भुगतान एवं रसीद निर्गत करने की व्यवस्था को पूरी तरह से ऑनलाइन कर दिया है। इसके बावजूद यदि कहीं भी ऑफलाइन भू-लगान रसीद जारी किए जाने की पुष्टि होती है, तो इसे केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि गंभीर अनुशासनहीनता और आपराधिक कृत्य माना जाएगा।

उन्होंने कहा है कि फर्जी कागजात तैयार करने वाले पदाधिकारी या कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। दोषी पाए जाने पर उनके विरुद्ध कड़ी अनुशासनिक कार्रवाई के साथ-साथ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की प्राथमिकता है राजस्व व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता, ईमानदारी और जनता के हितों की रक्षा। इससे किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।

राज्य के कई जिलों से मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने सभी जिलाधिकारियों के पास पत्र भेजकर कहा है कि राज्य में भू-लगान का भुगतान एवं लगान रसीद निर्गत करने की प्रक्रिया पूर्णतः ऑनलाइन है और ऑफलाइन माध्यम से रसीद जारी करना गंभीर नियम उल्लंघन की श्रेणी में आता है। वर्ष 2018 से लेकर 2025 तक कई बार विभागीय अधिसूचनाओं एवं पत्रों के माध्यम से यह स्पष्ट किया जा चुका है कि ऑफलाइन भू-लगान रसीद निर्गत करने पर पूरी तरह से रोक है।

इसके बावजूद विभाग को सूचना प्राप्त हुई है कि कुछ जिलों में अब भी ऑफलाइन माध्यम से लगान रसीद जारी की जा रही है, जो अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है। इसकी प्रति सभी अपर जिलाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता और अंचल अधिकारियों को भी भेजी गई है, जिसमें प्रधान सचिव ने कहा है कि विभागीय निर्देशों के तहत अंचल स्तर पर उपलब्ध सभी ऑफलाइन लगान रसीदों को एकत्र कर जिला मुख्यालय में सुरक्षित रखने तथा उनकी सूची विभाग को उपलब्ध कराने का आदेश पूर्व में दिया गया था। साथ ही, व्यवहृत एवं अव्यवहृत सभी ऑफलाइन रसीदों को जिला अभिलेखागार में निर्धारित तिथि तक जमा कराने के निर्देश भी जारी किए गए थे। इस संबंध में शेखपुरा, पूर्णियां, दरभंगा, सुपौल एवं भागलपुर जिलों द्वारा प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जा चुका है। शेष जिलों से प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराया गया है।

बताया जाता है कि सीतामढ़ी, वैशाली, पूर्वी चम्पारण, सहरसा एवं सुपौल जैसे जिलों में अब भी ऑफलाइन लगान रसीद जारी किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। विभाग ने इसे न केवल दिशा-निर्देशों का उल्लंघन माना है, बल्कि इसके पीछे आपराधिक षडयंत्र की संभावना से भी इंकार नहीं किया है।

सभी जिलाधिकारियों को पुराने भू लगान रसीदों को सुरक्षित रख शीघ्र प्रतिवेदन भेजने का दिया गया निर्देश

प्रधान सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जिलों में ऑफलाइन लगान रसीदों की स्थिति का विस्तृत प्रतिवेदन विभाग को तत्काल उपलब्ध कराएं। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया जाए कि अव्यवहृत लगान रसीद वॉल्यूम्स कहां और किस अधिकारी की अभिरक्षा में रखे गए हैं। इसके अतिरिक्त, ऑफलाइन भू-लगान रसीद निर्गत करने में संलिप्त पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई शुरू करने का भी निर्देश दिया गया है। विभाग ने इस पूरे मामले को अति आवश्यक बताते हुए सभी अधिकारियों से सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने की अपेक्षा जताई है।

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