पटना।महीप राज।

बिहार सरकार के निर्देशानुसार प्रत्येक माह के अंतिम बुधवार को आयोजित होने वाली प्रेस वार्ता की कड़ी में आज आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से विभागीय उपलब्धियों की जानकारी दी गई। इस अवसर पर आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव मोहम्मद गफ्फार ने बताया कि बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) द्वारा राज्यभर में आपदा जोखिम न्यूनीकरण को लेकर व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

दिव्यांगजनों की आपदा सुरक्षा पर विशेष फोकस

सचिव ने बताया कि दिव्यांगजनों को आपदाओं से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से उनके अभिभावकों एवं शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किया गया है। इसके अंतर्गत अब तक 1352 दिव्यांग बच्चों को तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण के माध्यम से आपदाओं से बचाव एवं सुरक्षा की जानकारी दी गई है।

मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम

शिक्षा विभाग के सहयोग से राज्य के सभी सरकारी, निजी विद्यालयों एवं मदरसों में मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। वर्ष 2025 में इस कार्यक्रम के तहत 4363 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। जिसमें विद्यालय के 1057 शिक्षक माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के 3306 शिक्षक को चंद्रगुप्त संस्थान, पटना में दो दिवसीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण दिया गया। इसके अतिरिक्त 1005 मदरसों के फोकल शिक्षकों को अंजुमन तरक्की उर्दू भवन, पटना में प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

डूबने से होने वाली मौतों की रोकथाम

नदियों, जलाशयों एवं मानव निर्मित गड्ढों में डूबने से होने वाली मौतों को रोकने के लिए वर्ष 2030 तक 50 प्रतिशत कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत 6–10 वर्ष के बच्चों एवं 11–18 वर्ष के किशोरों के लिए सुरक्षित तैराकी कार्यक्रम शुरू किया गया है। एसडीआरएफ के सहयोग से आयोजित जन-जागरूकता सप्ताह के दौरान 2400 प्रतिभागियों ने संवेदीकरण एवं मॉकड्रिल में भाग लिया। साथ ही, 96 मास्टर ट्रेनर्स को प्रशिक्षित किया गया।

स्वास्थ्य एवं सामुदायिक स्तर पर प्रशिक्षण

पंचायत स्तर पर 5 जिलों के 483 ग्रामीण सामुदायिक स्वास्थ्य समन्वयकों को आपदा प्रबंधन पर प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा 2241 आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं 482 स्वास्थ्य कर्मियों को अस्पताल आकस्मिक प्रबंधन एवं आपदा जोखिम न्यूनीकरण विषय पर प्रशिक्षित किया गया।

शहरी बस्तियों में अग्नि सुरक्षा जागरूकता

पटना की अति संवेदनशील शहरी बस्तियों एवं झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले करीब 5000 मजदूर एवं श्रमिक वर्ग के लोगों को आग से बचाव एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।

युवाओं और जीविका दीदियों का सशक्तिकरण

सुरक्षित तैराकी कार्यक्रम के तहत 16,374 युवकों एवं युवतियों को प्रशिक्षण दिया गया। वहीं, जीविका दीदियों के लिए प्राकृतिक, मानव जनित, स्वास्थ्य एवं सामाजिक आपदाओं पर आधारित चार विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार किए गए हैं।

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