10 हज़ार से 2 लाख तक, उद्यमी महिलाओं का इंतजार खत्म?
कैबिनेट से मिली मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के लाभुकों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की मिली स्वीकृति
इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर भी दी विस्तृत जानकारी, नियमानुसार आकलन कर दी जाएगी राशि
पटना : राज्य में मुख्यमंत्री महिला उद्यमियों को स्वरोजगार के लिए दूसरी किस्त देने की तैयारी कर ली गई है। इस योजना के पहले चरण में जिन 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं को 10 हजार रुपये की राशि दी गई है। प्रत्येक परिवार से एक महिला को यह राशि दी गई है। इन महिलाओं के स्तर से शुरू किए गए रोजगार का आकलन करने के 6 महीने बाद इन्हें आवश्यकतानुसार 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता प्रदान करना है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इसके मसौदे को मंजूरी दी गई। कैबिनेट की बैठक में कुल 32 एजेंडों पर मुहर लगी। बैठक में लिए गए निर्णयों के बारे में मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने सूचना भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में विस्तृत जानकारी दी। उनके साथ सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव बी. राजेंद्र और उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार भी मौजूद थे।
महिलाओं को 2 लाख की दूसरी किस्त?
कैबिनेट में लिए गए निर्णय के बाद मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर भी इस योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी है। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा है कि आप सभी को पता है कि हमलोगों ने राज्य की महिलाओं को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ प्रारंभ की है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि प्रत्येक परिवार की एक महिला उद्यमी के रूप में स्थापित हो सके। इस योजना के प्रथम चरण में प्रत्येक परिवार की एक महिला को 10 हजार रु० की राशि प्रदान की गई है। अब तक 1 करोड़ 56 लाख लाभुकों के खाते में डीबीटी के जरिए राशि अंतरित कर दी गई है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में शेष आवेदकों को भी नियमानुसार डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में शीघ्र ही राशि भेज दी जाएगी। इस योजना में महिलाओं द्वारा रोजगार शुरू करने के 6 माह बाद आकलन करते हुए आवश्यकतानुसार 2 लाख रु० तक की अतिरिक्त सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान है। मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत चयनित लाभुकों को 2 लाख रु० तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
यह राशि चरणों में दी जाएगी बशर्ते कि पूर्व में दी गई राशि का रोजगार करने में सदुपयोग किया गया हो। अच्छा रोजगार चलने की स्थिति में आवश्यकतानुसार एकमुश्त राशि भी दी जा सकेगी। विभाग को निदेश दिया गया है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजनान्तर्गत लाभुकों द्वारा उत्पादित वस्तुओं की मार्केंटिग की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, इन लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी विभागों के कार्यों से भी जोड़ा जाए जैसे- पोशाक निर्माण, सुधा बिक्री केन्द्र, दीदी की रसोई इत्यादि। इस योजना के क्रियान्वयन से न सिर्फ महिलाओं की स्थिति और ज्यादा मजबूत होगी बल्कि राज्य के अंदर ही उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे तथा रोजगार के लिए मजबूरी में लोगों को राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
कैबिनेट में लिए गए अन्य प्रमुख निर्णयों में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 से प्री-मैट्रिक (विद्यालय) छात्रवृति योजना के अंतर्गत निर्धारित वार्षिक छात्रवृति दर को संशोधित करते हुए क्लास 1 से 4 तक 1200 रुपये वार्षिक, क्लास 5 से 6 तक 2400 रुपये, कक्षा 7 से 10 तक 3600 रुपये वार्षिक और क्लास 1 से 10 तक (छात्रावासी) 6 हजार रुपये वार्षिक की नई दर निर्धारित की गई है। इसके लिए 519 करोड़ 64 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा बिहार आपदा जोखिम न्यूनीकरण रोडमैप 2025-30 (संशोधित) की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है।
भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्ला खां के नाम पर बक्सर जिले के डुमरांव में संगीत महाविद्यालय की स्थापना के लिए 14 करोड़ 52 लाख 15 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। नवगठित उच्च शिक्षा विभाग के कार्यों का निष्पादन करने के लिए इस विभाग के सचिवालय के अंतर्गत पदाधिकारियों और कर्मियों के 161 पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। पटना जिला में बिहार विशेष सशस्त्र बल-1, गोरखा वाहिनी के स्थापना एवं आधारभूत संरचना के लिए नौबतपुर अंचल के चर्रा मौजा में 30 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। इसके भू-अर्जन के लिए 40 करोड़ 54 लाख 41 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।
बिहार पुलिस के अंतर्गत गठित स्पेशल ऑक्जिलरी पुलिस (एसएपी) के मानदेय का भुगतान करने और वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 17 हजार पदों पर भारतीय सेना और केंद्रीय सशस्त्र पुलिसबल के सेवानिवृत्त अर्धसैनिक बलों को अनुबंध पर नियोजित करने की मंजूरी कैबिनेट के स्तर से दी गई है। मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्रावास अनुदान योजना के अंतर्गत निर्धारित छात्रावास अनुदान की दर को दोगुना करते हुए दो हजार रुपये प्रति छात्र किया गया है। इसके अतिरिक्त वित्तीय वर्ष 2026-27 से राज्य स्कीम के तहत संचालित मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना के अंतर्गत पात्रता की शर्तों के तहत निर्धारित वार्षिक पारिवारिक आय की अधिसीमा को डेढ़ लाख रुपये से बढ़ाकर तीन लाख रुपये कर दी गई है। बिहार दिव्यांगजन सशक्तिकरण सेवा (भर्ती एवं सेवा शर्त) नियमावली, 2026 पर स्वीकृति प्रदान की गई है।
बिहार में इको टूरिज्म डेवलपमेंट सोसाइटी के गठन की मंजूरी दी गई है। सात निश्च-3 के अंतर्गत निर्धारित कार्य के अंतर्गत स्थापित होने वाली चीनी मिलों की संभाव्यता (फिजिब्येलिटी) पर विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार करने और चीनी मिल की स्थापना के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा सिविल विमानन विभाग में विभिन्न संवर्ग के 99 पदों के सृजन, वायुयान संगठन निदेशालय और उड्डयन प्रशिक्षण निदेशालय में पहले से सृजित 176 पदों को विभाग में ट्रांसफर करने की स्वीकृति दी गई है।
